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गांव से स्कूल शहर जाने के लिए रेलवे पुलिया का सहारा..

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मध्यप्रदेश माकड़ौन जिला उज्जैन
द्वारा
मधुर दर्पण समाचार
राज्य ब्यूरो प्रमुख आकाश शर्मा

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       👆  रिपोर्टर:-विजय देवड़ा

👉गांव से स्कूल शहर जाने के लिए रेलवे पुलिया का सहारा..

👉चित्र में रेलवे पुलिया पार करते हुए स्कूल के बच्चे..

 माकड़ौन तराना तहसील का ग्राम पंचायत सुमरा खेड़ा का गांव हत्या खेड़ी जिस गांव की आबादी दो हजार के करीब है आजादी के 70 वर्ष बाद भी आज तक कई सांसद और विधायक चुनाव जीतकर यहां से गए और चुनाव में सड़क देने का वादा किया लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी रेलवे पुलिया का सहारा लेकर चार माह इस गांव के लोगों को तहसील जिला व पंचायत तक जाने के लिए इस खतरे को उठाना पड़ता है हत्या खेड़ी गांव तीन तरफ से नदी से घिरा है बारिश में यहां के छात्र छात्रा आम नागरिक अपने दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तु को लेने के लिए तराना उज्जैन जाने के लिए कालीसिंध नदी पर बनी पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है जो कि जोखिम भरा है लेकिन मजबूरी है इसलिए यह खतरा उठाने के लिए तैयार है इसका कारण एकमात्र सड़क जो कि तराना उज्जैन को जोड़ने वाली सड़क से यह गांव मात्र 2 किलोमीटर दूर है लेकिन अभी तक डामरीकरण व मुरमि करण नहीं हुआ बारिश में गंभीर स्थिति बन जाती है इसलिए बच्चे व आमजन इस रेलवे पुलिया को पार करके विद्यालय जाते हैं रेलवे ट्रैक पर भी कई बार ट्रेन की आवा जावी सुनकर लोगों के बच्चे भागते हैं व कई बार गंभीर हादसे हुए हैं।

 

एक बार तो दो मां बेटी जो कि अपनी पेंशन लेने के लिए समराखेड़ा आ रही थी और इस रेलवे पुलिया को पार कर दी थी लेकिन तभी एक सुपरफास्ट ट्रेन आ जाने से दोनों मां बेटी एक साथ नदी में कूद गई जिससे उनकी दुखद मौत हो गई थी यह मार्ग खातर भरा होने के बाद भी लोगों के लिए आवागमन के लिए सुगम रास्ता है इन घटनाओं की कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में अवगत करा चुके हैं लेकिन आज तक परेशानी से छुटकारा नहीं मिली क्या कोई जनप्रतिनिधि इन लोगों की परेशानियों से मुक्ति दिलाएगा और मात्र 2 किलोमीटर सड़क मार्ग से जुड़ेगा….

ग्रामीणों की व्यथा

👉बारिश के मौसम में 4 माह हमारे बच्चे उच्च अध्ययन के लिए और विशेष कार्य के लिए तुमरा खेड़ा स्कूल जाते हैं रेलवे ट्रैक कालीसिंध नदी की पुलिया को पार कर, कर जाना पड़ता है और हमे बच्चों के साथ जाना पड़ता है हमेशा भय बना रहता है शांतिलाल पटेल हत्या खेड़ी

👉हत्या खेड़ी से खेड़ा को जोड़ने वाला मार्ग जो कि कच्चा है कई जनप्रतिनिधि चुनाव के समय हमारे बीच आते हैं वह भगवान के ओठले पर बैठकर हम से वादा करते हैं और चले जाते हैं आजादी के 70 वर्ष बाद भी आज भी ऐसा लगता है कि हम आजाद नहीं हुए हैं :- अंतर सिंह आंजना वसूली पटेल हत्या खेड़ी

👉इनका कहना है

मेरे द्वारा हत्या खेड़ी रोड के लिए कांग्रेस शासन में प्रयास किया गया था और मंजूरी भी हो गई थी लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा उस पर आपत्ति लिए जाने के कारण यह रोड नहीं बन पाया था लेकिन अब वापस इस रोड के लिए सड़क मार्ग के से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस स्थिति से अवगत कराएंगे अति शीघ्र हो सकता है हम रोड कार्य प्रारंभ करा दें :- महेश परमार विधायक विधानसभा  

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