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पंचायत के जिला अध्यक्ष अनुप सिंह ने इस मामले में लिप्त कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग….

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उत्तर प्रदेश जनपद बलिया
द्वारा
दैनिक मधुर दर्पण आ
रिपोर्ट : आशुतोष पाडेय

शिकायत प्राप्त होने पर वी पी गुप्ता उप वनकीय अधिकारी रसड़ा ने स्थलीय निरीक्षण किया जिसमें वन दरोगा के द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने पर और मामले की जानकारी उन्हें नहीं दिऐ जाने पर वन दरोगा को फटकार लगाई। यहां बता चले की विभागीय नियमों को ताक में रखकर वन दरोगा जो एक साथ दो पदों पर अपनी योग्यता से कार्य कर रहे हैं एक रेंज आफिस में और दुसरा डिवीजन आफिस में। उच्च अधिकारीयों के विशेष कृपा प्राप्त होने के कारण। इनके क्षेत्र में लगातार सरकारी हरे पेड़ों की कटाई जारी है शिकायत करने पर भी कार्यवाही नहीं होती अपितु विभागीय अधिकारियों के कृपा से प्रमोशन हो गया है।

उत्तर प्रदेश जनपद बलिया(चिलकहर):–
ग्राहक पंचायत के जिला अध्यक्ष अनुप सिंह ने इस मामले में लिप्त कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है और कहा की इन फलदार वृक्षों को काटने वाले और उनको सह प्रदान करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों पर जब तक कार्रवाई नहीं होती वो इस मामले के लिए लड़ते रहेंगे ।जहां सरकार वन संरक्षण वन्य क्षेत्र के विस्तार के लिए कटिबद्ध और प्रयासरत है वही ठीक इसके विपरीत बलिया जनपद के फेफना रेंज के अंतर्गत गोपालपुर ग्राम सभा में हरे व फलदार वृक्षों की अंधाधुंध कटाई वन विभाग पोल खोल रहीं हैं जिस प्रकार वनविभाग के कर्मचारियों के मिलीभगत और विभागीय नियमों को ताक पर रखकर गोपालपुर के वन्यक्षेत्रों को उजाड़ किया जा रहा है जहां पूरे जनपद में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में वृक्ष लगाकर मनाया गया उसके बाद से ही लगातार गोपालपुर में आम जामुन महुआ के हर फल लगे दर्जनों पेड़ की कटाई दिन में होती रही और वन विभाग का स्थानीय कर्मचारी और और फेफना रेंज के कर्मचारियों को पता भी नहीं चला। मामला तब और गंभीर हो जाता है जब फॉरेस्ट अफसर के द्वारा यह बताया जाता है कि पेड़ काटने की शिकायत प्राप्त हुई थी यह वन विभाग की चूक कहें या वनक्षेत्रो के उजाड़ करने वाले गिरोह के साथ विभागीय साठगांठ कहे । वन विभाग के अधिकारियों को सूचना होने के बाद जिस प्रकार ट्रैक्टर ट्राली लेकर लकड़ी काटने वाले गिरोह के सदस्य और सरगना वहां भागने में सफल हुए हैं यह विभागीय मिलीभगत की तरफ इशारा करता है।

इसी प्रकार का फेफना रेंज में है चिलकहर कुरेजी मार्ग पर 2 दर्जन से अधिक हरे पेड़ों को सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पूरी तरह से धराशाई कर दिया गया है इस महामारी के दौर में ऑक्सीजन के स्रोत हरे पेड़ों की कटाई वन विभाग की कार्य शिथिलता को प्रदर्शित करता हैफॉरेस्ट अफसर अमित कुमार के द्वारा बताया गया कि दोनों मामलों में करवाई वनअधिनियम के तहत की जा रही है । जल्द ही बाद पंजीकृत करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। परंतु जिस प्रकार से विभाग मौन होकर हरे वृक्षों की कटाई देख रहा है इससे यह प्रतीत होता है कि इस प्रकार के मामले में कुछ भी किसी प्रकार का भय नहीं है वन क्षेत्र को उजाड़ने वाले अपराधियों के मन में

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