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पीपल्याकुल्मी – माचलपुर सड़क आगे पाट पीछे सपाट,एक माह में उखड़ने लगी सड़क..

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मध्यप्रदेश पिपल्याकुलमी जिला राजगढ़
द्वारा
मधुर दर्पण समाचार
राज्य ब्यूरो प्रमुख आकाश शर्मा

  🖕रिपोर्टर:-शम्भूदयाल टेलर🖕

💥🔥पीपल्याकुल्मी -माचलपुर सड़क आगे पाट पीछे सपाट .एक माह में उखड़ने लगी सड़क..

🎯प्रधानमंत्री सड़क के नाम से बनने वाली सड़कें ,अपने नाम को बट्टा लगाकर ऊंची दुकान फीके पकवान की कहावत को चरितार्थ कर रही है।
यूं तो राजगढ़ जिले में प्रधानमंत्री सड़क के नाम पर बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता सदैव संदेह के घेरे में रहती है।
लेकिन निर्माण के एक माह बाद ही सड़क दरक जाए तो आप इसे क्या कहेंगे?
जी हां ऐसी ही स्तरहीन निर्माण का उदाहरण है माचलपुर -पीपल्या कुल्मी की 6.15 किलोमीटर सड़क जिसका अभी काम भी पूरा नहीं हुआ और सड़क को पैबंदों की जरूरत हो गई।                                         💥निर्माण में 1 साल ,फिर भी बेहाल:-
पीपल्या कुल्मी से माचलपुर की इस 6.15 किलोमीटर की सड़क और पीपल्या कुल्मी से गादिया दूरी 4.25 किलोमीटर की सड़क को निर्माण एजेंसी द्वारा एक साल से बनाया जा रहा है जो अभी तक पूर्ण नहीं हुई।
हाल ही जून माह में ही पीपल्या कुल्मी -माचलपुर के बीच डामरीकरण किया है जो कि काफी स्तरहीन है।
एक माह में ही इस सड़क की साइडों का डामर कटने लग गया वहीं सबसे उपरी परत “सील कोट”भी कहीं कहीं उखड़ गया।
3-4- जगह तो सड़क दरक गई है तथा वहां जल्द ही गड्डे बनने के पूरे पूरे आसार है।जबकि अभी क्षैत्र में ढंग से बारिश भी नहीं हुई है।

इस मामले मामले में सड़क निर्माण के दौरान ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे तो इंजीनियर माथुर का कहना था कि काम टेक्निकल तौर पर सही है लेकिन क्या इसी टेक्निकल से प्रधानमंत्री सड़कें बनती है कि वे आगे आगे बनती जाए और पीछे पीछे उखड़ने लगे?

🎯संकरी पटरीयां:- सड़क तो जो बनी सो बनी लेकिन इसकी पटरियां भी कहीं कहीं निर्धारित चौड़ाई से कम है तथा बाजुओं में मुरम सही ना भरने से बरसात में दुर्घटनाएं होने का अंदेशा है।

🎯खतरनाक ब्रेकर:- माचलपुर के निकट सांवलपुरा गांव के यहां दो स्पीड ब्रेकर बनाए गए जिनमें से एक ब्रेकर इतने बैढंगे तरीके से बनाया गया जिससे दो तीन लोग दो पहिया वाहनों से गिरकर चोटिल हो चुके हैं ।
तब जाकर निर्माण एजेंसी द्वारा ब्रेकर तथा सड़क के सेंटर पर संकेतक बनाए गए। जिस ब्रेकर से लोग चोटिल हुए उस ब्रेकर की उंचाई तो कम कर दी गई लेकिन उसे सही शेप नहीं दिया गया जिससे खासकर दो पहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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