नई दिल्ली
इनपुट: समाचार डेस्क
नई दिल्ली New Income Tax Slab, Union Budget 2025-26:--- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज रिकॉर्ड आठवां लगातार बजट पेश किया। बजट में वित्त मंत्री ने किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई अहम एलान किए। वित्त मंत्री ने अपने पिटारे से बिहार के लिए कई अहम योजनाओं का एलान किया है। बिहार में मखाना बोर्ड बनाने का भी एलान किया गया है। मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगाने का एलान किया।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद बजट को लोकसभा से पारित किया गया और उसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
Union Budget 2025: 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब आयकर नहीं। जब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ देंगे तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने नए टैक्स स्लैब का एलान करते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। हमने मध्यम वर्ग पर टैक्स कम किए हैं और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत
स्लैब बदलने से नई कर व्यवस्था अपनाने वालों को इस तरह फायदा होगा
12 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 80 हजार रुपये का फायदा होगा।
18 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 70 हजार रुपये का फायदा होगा।
25 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 1.10 लाख रुपये का फायदा होगा।
12:08 PM, 01-Feb-2025
वरिष्ठ नागरिकों में टीडीएस में छूट
प्रत्यक्ष कर
नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी।
टीडीएस-टीसीएस का सरलीकरण
टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा।
नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है।
जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी छूट
36 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी छूट देने का एलान किया गया है। 6 जीवनरक्षक दवाएं को 5 प्रतिशत अट्रैक्टिव कंसेशनल कस्टम ड्यूटी की लिस्ट में शामिल किया गया है। साथ ही 37 अन्य दवाओं और 13 मरीज सहायता कार्यक्रमों को भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह से बाहर रखा गया है।
निर्यात बढ़ाने के लिए प्रावधान
निर्यात बढ़ाने के लिए भी बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। इसमें हैंडीक्राफ्ट निर्यात उत्पादों की समय सीमा को छह महीने से बढ़ाकर एक साल कर दिया गया है। इसके बाद भी इसे तीन महीने के लिए और बढ़ाया जा सकेगा। वेट ब्लू लेदर में भी बीसीडी से छूट दी गई है। फ्रोजन फिश पेस्ट पर मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात पर लगने वाला बीसीडी (बेसिक कस्टम ड्यूटी) 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।